यह कैसे निकला? ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थिति (केप्लर कक्षीय गणना) से सायन देशांतर निकाला, फिर लाहिड़ी अयनांश (~24°) घटाकर निरयन/वैदिक राशि पाई। लग्न = जन्म-क्षण पर पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि — जन्म-समय व स्थान से क्रांतिवृत्त-क्षितिज की ज्यामिति द्वारा। भाव = लग्न-राशि से गिने गए (पूर्ण-राशि पद्धति)।
लग्न कुंडली उत्तर-भारतीय शैली
यह कैसे निकला? हीरे का शीर्ष-मध्य खाना सदैव प्रथम भाव (लग्न) है; शेष भाव वामावर्त। प्रत्येक खाने में उसकी राशि-संख्या (छोटी, स्वर्ण) और उसमें स्थित ग्रह दर्शाए हैं। लाल ग्रह वक्री हैं।
आज का पंचांग
यह कैसे निकला?तिथि = चंद्र-सूर्य का कोणीय अंतर ÷ 12°। नक्षत्र = चंद्र का निरयन देशांतर ÷ 13°20′। योग = (सूर्य+चंद्र) देशांतर ÷ 13°20′। करण = आधी तिथि। वार = सूर्योदय-आधारित सप्ताह-दिन। सब वास्तविक ग्रह-स्थिति से।
वर्तमान दशा
यह कैसे निकला?विंशोत्तरी दशा आपके जन्म-नक्षत्र (चंद्र की स्थिति) से आरंभ होती है, किसी कैलेंडर से नहीं — यही शुद्ध वैदिक समय-पद्धति है। 120-वर्ष चक्र में हर ग्रह को निश्चित वर्ष मिलते हैं (शुक्र 20, शनि 19…)। साढ़ेसाती = गोचर-शनि का आपकी जन्म-चंद्र-राशि से 12वें–1ले–2रे भाव से गुजरना।
भविष्यवाणी व उपाय
यह कैसे निकला? प्रत्येक क्षेत्र का कारक ग्रह व उसके भाव देखकर, उनमें गोचर-ग्रहों के शुभ/अशुभ स्वभाव और चल रही महादशा को जोड़कर एक अंक निकाला — वही शुभ/मध्यम/सावधानी तय करता है। उपाय कर्मकांड नहीं, बल्कि उस ग्रह के स्वभाव से जुड़ी व्यावहारिक आदतें हैं।
वर्षफल — लिखित फल वार्षिक · मासिक · साप्ताहिक
यह कैसे निकला? वार्षिक फल सूर्य-वापसी (वैदिक वर्ष) की अवधि में सातों क्षेत्रों की औसत अनुकूलता से बनता है; साथ में चल रही दशा और गुरु-शनि का गोचर (चंद्र-राशि से भाव) जोड़े गए — यही पारंपरिक वर्षफल का आधार है। मासिक/साप्ताहिक उसी गणना को छोटी अवधि पर लगाते हैं।
अनुकूलता मानचित्र क्षेत्र × तिथि (हर दिन)
0% प्रतिकूल100% अनुकूल
यह कैसे निकला? हर खाना एक तिथि है — उस दिन उस क्षेत्र की अनुकूलता % (उसी गणना से जो "प्रश्न" पट्ट में है: गोचर, चंद्रबल, दशा, पंचांग)। आरंभ-तिथि बदलें, या सप्ताह/माह/वर्ष चुनें — हर दिन अलग दिखेगा (औसत नहीं)। रंग जितना हरा, उतना अनुकूल; लाल = सावधानी। वर्ष-दृश्य में बग़ल में खिसकाकर सभी 365 दिन देखें।
इस समय सक्रिय गोचर पारंपरिक फलादेश
समय चलाने के लिए ▶ दबाएँ।
आगामी गोचर — आज से अगले ~4 वर्ष, मंद ग्रह
गणना हो रही है…
शुभ दिन व सूर्य-वापसी
यह कैसे निकला?शुभ दिन = जहाँ गोचर-चंद्र आपकी जन्म-चंद्र-राशि से शुभ भाव (2,3,5,6,7,9,10,11) में हो और तिथि/करण अशुभ न हों; चंद्राष्टम व रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गईं। सूर्य-वापसी = वह दिन जब गोचर-सूर्य पुनः आपके जन्म-सूर्य-अंश पर आता है — यही वैदिक वर्ष-आरंभ (वर्षफल)।
प्रश्न — सफलता की संभावना % अनुकूलता + सर्वोत्तम दिन-समय
यह कैसे निकला? प्रश्न के समय (आज) की कुंडली से: उस क्षेत्र के कारक-ग्रह व भाव की दशा, चंद्रबल (जन्म-चंद्र से गोचर-चंद्र का भाव), आज का पंचांग (रिक्ता तिथि/भद्रा से बचाव), और चल रही महादशा — इन्हें जोड़कर अनुकूलता का अंक निकाला। प्रतिकूल होने पर अगले 150 दिनों में पहला शुभ दिन खोजा गया। यह परंपरागत मार्गदर्शन है, भाग्य का आदेश नहीं — निर्णय आपका।
अनिश्चितता प्रयोगशाला कुंडली कितनी पक्की?
जन्म-समय में ज़रा-सा फेर कुछ तत्वों को पूरी तरह बदल देता है। बताइए आपका जन्म-समय कितना पक्का है — फिर देखिए कौन-सा फल चट्टान जैसा है और कौन-सा रेत जैसा।
यह कैसे निकला? दिए गए ± दायरे में आपका जन्म-समय 300 बार यादृच्छिक रूप से लेकर हर बार पूरी कुंडली गणना की (मोंटे-कार्लो विधि)। जो तत्व अधिकांश बार एक ही रहा वह स्थिर (हरा); जो बिखर गया वह अस्थिर (लाल)। नाड़ी अंश (D150) हर ~48 सेकंड बदलता है — इसीलिए वह सबसे नाज़ुक है। यही दिखाता है कि अति-सूक्ष्म भविष्यवाणी का दावा समय-त्रुटि के आगे क्यों टिक नहीं पाता।
मूड + गोचर ट्रैकिंग इस डिवाइस में सुरक्षित
अभी कैसा महसूस हो रहा है? दर्ज करें — ऐप साथ में आज का गोचर भी सहेज लेगा, ताकि समय के साथ पैटर्न दिखे।
यह कैसे काम करता है? हर प्रविष्टि के साथ उस क्षण का गोचर (चंद्र राशि/भाव, नक्षत्र, तिथि) सहेजा जाता है। पर्याप्त प्रविष्टियों पर ऐप दिखाता है कि आपका मूड किस चंद्र-भाव में अच्छा/कम रहा — पर यह सहसंबंध है, कारण नहीं।
टाइम मशीन — जीवन-घटनाएँ संरेखण-समानता
यह कैसे निकला? हर घटना के दिन का गोचर-स्नैपशॉट (चल रही दशा, गुरु व शनि का चंद्र-राशि से भाव) सहेजा जाता है। "समानता" = आने वाले दिनों में इन तीनों का उस पुराने दिन से मेल — यानी कॉस्मिक स्थिति की समानता, घटना के दोहराने की प्रायिकता नहीं।
कॉस्मिक ओरैकल — होरारी प्रश्न के ठीक क्षण की कुंडली
यह कैसे निकला? प्रश्न पूछने के ठीक क्षण की कुंडली बनाई जाती है (आपके स्थान का लग्न, चंद्र-स्थिति), फिर शास्त्रीय होरारी नियम — चंद्र का भाव, लग्न में शुभ/पाप ग्रह, चंद्र की applying युति (रिक्त-गति सहित), प्रश्न के कारक की स्थिति, व होरा — लगाकर संकेत निकलता है।
एक-पृष्ठ सारांश
इस पृष्ठ का लिंक साझा करें, या स्क्रीनशॉट लेकर भेजें। किसी और की कुंडली के लिए ऊपर जन्म-विवरण बदलें।
☁ क्लाउड सिंक
एक निजी सिंक-कोड डालें — आपका डेटा (कुंडलियाँ, मूड, घटनाएँ) Cloudflare में सहेजा जाएगा और हर डिवाइस पर वही कोड डालने से दिखेगा। (केवल तैनात किए गए Cloudflare संस्करण में; इस पूर्वावलोकन में यह निष्क्रिय रहेगा।)